🚨 त्रिवेणीगंज में सरकारी स्कूल भवन निर्माण में अनियमितता का आरोप, निर्माण कार्य पर उठे सवाल
त्रिवेणीगंज, सुपौल। सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भवन निर्माण एवं विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में त्रिवेणीगंज क्षेत्र में निर्माणाधीन एक सरकारी स्कूल भवन के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री और निर्माण प्रक्रिया को लेकर कई बिंदुओं पर संतुष्टि नहीं है। उनका आरोप है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित सरकारी मानकों और तकनीकी मापदंडों के अनुरूप नहीं किया गया, तो भविष्य में भवन की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
🏗️ निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल
स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल पर किए जा रहे कार्य की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच और गुणवत्ता की जांच कराएं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण में स्वीकृत नक्शे, प्राक्कलन और निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि से बनने वाले भवन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह भवन आने वाले समय में बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण परिसर होगा।
🔎 ग्रामीणों ने की जांच की मांग
मामले को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री, नींव से लेकर दीवार, छत और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी टीम द्वारा जांच कराई जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और भवन का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए।
❓ बड़ा सवाल—क्या मानकों के अनुरूप हो रहा है निर्माण?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकारी स्कूल भवन का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप किया जा रहा है?
क्या निर्माण कार्य की नियमित रूप से विभागीय निगरानी हो रही है?
क्या निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच की गई है?
और यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
इन सवालों का स्पष्ट जवाब संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही सामने आ सकेगा।
PK News No.1 की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई तस्वीरों और स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए सवालों ने सरकारी भवन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाती है।
📍 स्थान: त्रिवेणीगंज, सुपौल, बिहार
🎥 ग्राउंड रिपोर्ट: PK News No.1