बिहार में शराबबंदी और नशामुक्ति अभियान पर उठे सवाल, जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब की मांग
त्रिवेणीगंज/सुपौल। बिहार में शराबबंदी और नशामुक्ति अभियान को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। महेशुआ प्लस टू उच्च विद्यालय में नशामुक्ति अभियान को लेकर आयोजित बैठक के दौरान शराब और नशीले पदार्थों की कथित बिक्री तथा कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए।
बैठक में यह मुद्दा उठाया गया कि शराबबंदी के बावजूद यदि किसी क्षेत्र में अवैध रूप से शराब की बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी। वहीं, कुछ लोगों की ओर से कार्रवाई में कथित कमीशनखोरी और नशा तस्करों को पैसे लेकर छोड़ने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि यदि अवैध शराब या नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें सही हैं, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
नशामुक्ति अभियान का उद्देश्य युवाओं और समाज को नशे से दूर रखना है। ऐसे में अभियान के दौरान उठ रहे इन सवालों का जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब सामने आना जरूरी माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों और बैठक में मौजूद लोगों ने मांग की है कि शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाए।
अब देखना होगा कि इन आरोपों और सवालों पर प्रशासन की ओर से क्या जवाब सामने आता है और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है।
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