त्रिवेणीगंज, सुपौल। नशे के खिलाफ जागरूकता और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से महेशुआ प्लस टू उच्च विद्यालय में नशा मुक्ति अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशे के बढ़ते प्रभाव, युवाओं को इससे बचाने और समाज में जागरूकता फैलाने को लेकर चर्चा की गई।

इसी बीच अभियान के दौरान नशा तस्करी और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल भी सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या नशे के कारोबार में शामिल संदिग्ध लोगों पर निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई हो रही है? कुछ लोगों द्वारा यह भी सवाल उठाया गया कि क्या नशा तस्करों को पैसे लेकर छोड़ दिया जाता है?

हालांकि, इस तरह के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन सवालों की वास्तविकता जांच का विषय है। लोगों की मांग है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मी पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।

नशा मुक्ति अभियान का उद्देश्य तभी सफल हो सकता है, जब जागरूकता के साथ-साथ नशे के अवैध कारोबार पर भी प्रभावी और पारदर्शी कार्रवाई हो। खासकर युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए प्रशासन, विद्यालय, अभिभावक और समाज को मिलकर काम करने की जरूरत है।

अब सवाल यह है कि नशा मुक्ति अभियान के बीच उठ रहे इन गंभीर सवालों पर जिम्मेदार अधिकारी क्या जवाब देते हैं? क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी?

आपकी क्या राय है? कमेंट में अपनी बात जरूर बताएं। 👇