सुपौल, बिहार। त्रिवेणीगंज अनुमंडल क्षेत्र में आम लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया सार्वजनिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है। शौचालय के वर्षों से उपयोग में नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता के पैसों से तैयार किया गया सार्वजनिक शौचालय यदि उपयोग में ही नहीं आ रहा है, तो आखिर इसका लाभ किसे मिल रहा है? लंबे समय से बंद पड़े शौचालय की स्थिति को लेकर अब लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

लोगों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा बेहद जरूरी है। लेकिन सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उसके बंद रहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को अधिक दिक्कत होने की बात सामने आ रही है।

जिम्मेदार अधिकारियों पर उठ रहे सवाल

सालों से बंद पड़े इस शौचालय को लेकर अब संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आखिर शौचालय किस वजह से बंद है और इसे दोबारा शुरू कराने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए? यह सवाल स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर बंद पड़े शौचालय को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके।

जनता का सवाल—कब खुलेगा शौचालय?

सरकार की ओर से सार्वजनिक सुविधाओं के लिए खर्च की जाने वाली राशि का उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि कोई सार्वजनिक शौचालय लंबे समय तक बंद पड़ा है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करने और समस्या का समाधान करने की जरूरत है।

अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में कब संज्ञान लेते हैं और वर्षों से बंद पड़े शौचालय को आम लोगों के लिए कब तक चालू कराया जाता है।

📍 स्थान: त्रिवेणीगंज अनुमंडल, सुपौल (बिहार)

नोट: स्थानीय लोगों के आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। संबंधित विभाग/अधिकारी का पक्ष उपलब्ध होने पर खबर में शामिल किया जाना चाहिए।