त्रिवेणीगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग NH-327E के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम इन दिनों किया जा रहा है। सड़क की मरम्मत शुरू होने से स्थानीय लोगों को राहत की उम्मीद है, लेकिन मरम्मत में इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत में स्थानीय नदी की बालू और गिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों का सवाल है कि क्या इस तरह की सामग्री और मरम्मत की मौजूदा प्रक्रिया सड़क को लंबे समय तक टिकाऊ बना पाएगी या कुछ ही दिनों बाद सड़क दोबारा उखड़ने लगेगी।
मरम्मत की गुणवत्ता पर उठ रहे कई सवाल
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं। लोगों का कहना है कि यदि मरम्मत कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं किया गया तो सड़क की स्थिति जल्द ही फिर खराब हो सकती है।
लोगों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से मांग की है कि मरम्मत कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच की जाए और सड़क की मरम्मत निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार सुनिश्चित की जाए।
सड़क की मरम्मत के साथ गुणवत्ता भी जरूरी
NH-327E क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है। ऐसे में सड़क की मरम्मत केवल खानापूर्ति तक सीमित न रहकर टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो, यह स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग है।
हालांकि, मरम्मत में इस्तेमाल सामग्री मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। PK News No.1 की ग्राउंड रिपोर्ट में इसी मुद्दे को मौके पर जाकर सामने लाने की कोशिश की गई है।
देखिए PK News No.1 की ग्राउंड रिपोर्ट और जानिए NH-327E की मरम्मत से जुड़ा पूरा मामला।