प्रतापगंज, सुपौल। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावों के बीच सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। मोमनाही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 205 बच्चे आज भी पक्की छत के इंतजार में टीन शेड के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
बताया जा रहा है कि विद्यालय को स्थापित हुए करीब 61 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी बच्चों को बेहतर और सुरक्षित भवन की सुविधा नहीं मिल सकी है। गर्मी, बारिश और खराब मौसम के दौरान टीन शेड के नीचे पढ़ाई करना बच्चों और शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने वर्षों के बाद भी विद्यालय के लिए पक्के भवन की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी। 205 बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर जिम्मेदार विभाग कब गंभीरता दिखाएगा?
स्थानीय लोगों की मांग है कि विद्यालय की स्थिति का जल्द निरीक्षण कर बच्चों के लिए पक्के भवन, पर्याप्त कक्षाओं और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित और बेहतर माहौल में शिक्षा मिल सके।
अब देखना होगा कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या पर शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन कब संज्ञान लेता है और विद्यालय को पक्की छत कब नसीब होती है।
📍 स्थान: प्रतापगंज, सुपौल, बिहार
सवाल यही है—61 साल का इंतजार आखिर कब खत्म होगा?